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Monday, January 16, 2023

Netaji Subhash Chandra Bose biography ।। नेता जी सुभाष चन्द्र बोस का जीवनी


 विश्व इतिहास में 23 जनवरी 1897 (23rd January 1897) का दिन स्वर्णाक्षरों में अंकित है। इस दिन स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक सुभाषचंद्र बोस (Subhash Chandra Bose) का जन्म कटक के प्रसिद्ध वकील जानकीनाथ तथा प्रभावती देवी के यहां हुआ था। उनके पिता ने अंगरेजों के दमनचक्र के विरोध में 'रायबहादुर' की उपाधि लौटा दी। इससे सुभाष के मन में अंगरेजों के प्रति कटुता ने घर कर लिया। 


अब सुभाष अंगरेजों को भारत से खदेड़ने व भारत को स्वतंत्र कराने का आत्मसंकल्प ले, चल पड़े राष्ट्रकर्म की राह पर। आईसीएस की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद सुभाष ने आईसीएस से इस्तीफा दिया। इस बात पर उनके पिता ने उनका मनोबल बढ़ाते हुए कहा- 'जब तुमने देशसेवा का व्रत ले ही लिया है, तो कभी इस पथ से विचलित मत होना।' 

 
दिसंबर 1927 में कांग्रेस पार्टी (Congress) के राष्ट्रीय महासचिव (National secretary General) के बाद 1938 में उन्हें कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President) चुना गया। उन्होंने कहा था- मेरी यह कामना है कि महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के नेतृत्व में ही हमें स्वाधीनता की लड़ाई लड़ना है। हमारी लड़ाई केवल ब्रिटिश साम्राज्यवाद से नहीं, विश्व साम्राज्यवाद से है। धीरे-धीरे कांग्रेस से सुभाष का मोह भंग होने लगा। 

16 मार्च 1939 को सुभाष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सुभाष ने आजादी के आंदोलन को एक नई राह देते हुए युवाओं को संगठित करने का प्रयास पूरी निष्ठा से शुरू कर दिया। इसकी शुरुआत 4 जुलाई 1943 को सिंगापुर में 'भारतीय स्वाधीनता सम्मेलन' के साथ हुई। 

5 जुलाई 1943 को 'आजाद हिन्द फौज' का विधिवत गठन हुआ। 21 अक्टूबर 1943 को एशिया के विभिन्न देशों में रहने वाले भारतीयों का सम्मेलन कर उसमें अस्थायी स्वतंत्र भारत सरकार की स्थापना कर नेताजी ने आजादी प्राप्त करने के संकल्प को साकार किया।

12 सितंबर 1944 को रंगून के जुबली हॉल में शहीद यतीन्द्र दास के स्मृति दिवस पर नेताजी (Subhash Chandra Bose) ने अत्यंत मार्मिक भाषण देते हुए कहा- 'अब हमारी आजादी निश्चित है, परंतु आजादी बलिदान मांगती है। आप मुझे खून दो, मैं आपको आजादी दूंगा।' यही देश के नौजवानों में प्राण फूंकने वाला वाक्य था, जो भारत ही नहीं विश्व के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। 
 
16 अगस्त 1945 को टोक्यो के लिए निकलने पर ताइहोकु हवाई अड्डे पर नेताजी का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और 18 अगस्त (18 August 1945) को स्वतंत्र भारत की अमरता का जयघोष करने वाला, भारत मां के दुलारे नेताजी सुभाष चंद्र बोस सदा के लिए, राष्ट्रप्रेम की दिव्य ज्योति जलाकर अमर हो गए। 

विचार :

1. तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा|
2. याद रखिये – सबसे बड़ा अपराध, अन्याय को सहना और गलत व्यक्ति के साथ समझौता करना हैं|
3. यह हमारा फर्ज हैं कि हम अपनी आजादी की कीमत अपने खून से चुकाएं| हमें अपने त्याग और बलिदान से जो आजादी मिले, उसकी रक्षा करनी की ताकत हमारे अन्दर होनी चाहिए|
4. मेरा अनुभव हैं कि हमेशा आशा की कोई न कोई किरण आती है, जो हमें जीवन से दूर भटकने नहीं देती|
5. जो अपनी ताकत पर भरोसा करता हैं, वो आगे बढ़ता है और उधार की ताकत वाले घायल हो जाते हैं|
6. हमारा सफर कितना ही भयानक, कष्टदायी और बदतर हो सकता हैं लेकिन हमें आगे बढ़ते रहना ही हैं| सफलता का दिन दूर हो सकता हैं, लेकिन उसका आना अनिवार्य ही हैं|

        नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वाधीनता संग्राम के उन योद्धाओं में से एक हैं जिनका नाम और जीवन आज भी करोड़ों देशवासियों को मातृभमि के लिए समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देता है
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Monday, April 05, 2021

CBSE - CISR का इनोवेशन अवार्ड, जीतने पर मिलेगा 1 लाख रुपए इनाम

CBSE - CISR का इनोवेशन अवार्ड, जीतने पर मिलेगा 1 लाख रुपए इनाम

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च(CSIR) के साथ मिलकर स्कूली विद्यार्थियों के लिए एक शानदार पहल की शुरुआत की है। सीबीएसई ने विद्यार्थियों के लिए इनोवेशन अवार्ड प्रतियोगिता शुरू की है। इसके तहत आयोजित प्रतियोगिता में विजेता रहने वाले विद्यार्थी को 1 लाख रुपए का इनाम मिलेगा। सामाजिक समस्याओं को सबसे अनोखे तरीके से प्रदर्शित करने वाले प्रथम 15 विद्यार्थीयों को विशेष तौर पर 10 हजार रुपए से लेकर 50 हजार रुपए तक के पु्रस्कार से सम्मानित किया जाएगा।


सीबीएसई बोर्ड ने विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक संस्कृति(scientific culture) को बढ़ावा देने के लिए एक प्रतियोगिता का ऐलान किया है।


इसकी शुरुआत काउंसिल आफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) ने स्कूली बच्चों में शोध और विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए किया है। इसका नाम 'इनोवेशन अवार्ड फॉर स्कूल चिल्ड्रेन' रखा गया है। छात्र ज्यादा जानकारी के लिए सीबीएसई की एकेडमिक वेबसाइट cbseacademic.nic.in पर विजिट कर सकते हैं। अथवा प्रतियोगिता के बारे में अधिक जानकारी के लिए सीधे लिंक पर क्लिक कर आधारिक अधिसूचना से सर्कुलर डाउनलोड कर सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन का आखिरी तारीख 30 अप्रैल, 2021 तक है

इस संबंध में सीबीएसई की ओर से सभी संबद्ध स्कूल को एक अधिकारिक अधिसूचना सर्कुलर और पत्र भी जारी किया है। स्कूलों को भेजे गए पत्र में इस प्रतियोगिता के बारे में जानकारी दी गई है। प्रतियोगिता में केवल 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थी ही भाग ले सकेंगे। उम्र की गणना 1 जनवरी, 2021 के आधार पर की जाएगी। निर्देश में कहा गया है कि इस प्रतियोगिता में शामिल होने के इच्छुक और पात्र विद्यार्थी 30 अप्रैल, 2021 तक अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। पंजीयन के लिए छात्रों को अपनी एंट्री स्कूल प्रबंधन द्वारा सत्यापन पत्र के साथ आगे दिए गए पते पर भेजनी होगी - प्रमुख, सीएसआईआर - इनोवेशन प्रोटक्शन यूनिट, विज्ञान सूचना भवन, 14 - सत्संग विहार मार्ग, स्पेशल इंस्टीट्यूशनल एरिया, नई दिल्ली - 1100 67

इनाम की राशि
प्रथम पुरस्कार ₹1,00,000 (एक अवार्ड)
द्वितीय पुरस्कार ₹50,000 (दो अवॉर्ड)
तृतीय पुरस्कार ₹30,000 (तीन अवार्ड)
चतुर्थ पुरस्कार ₹20,000 (चार अवार्ड)
पांचवा पुरस्कार ₹10,000 (पांच अवार्ड)

साथ ही चयनित विद्यार्थियों को उनके विज्ञान विषय के शिक्षकों के साथ आईपीआर(IPR) में ट्रेनिंग दी जाएगी। अधिक जानकारी के लिए csir.res.in पर विजिट कर सकते हैं।

Tuesday, December 15, 2020

बिहार में बटेंगे 50-50 हजार: ग्रेजुएट्स के लिए तोहफा, सरकार का वादा होगा पूरा

स्नातक पास छात्राओं को 50 हजार की प्रोत्साहन राशि



विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की थी कि यदि फिर से उनकी सरकार बनी तो स्नातक पास करने वाली छात्राओं को 50-50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उस घोषणा पर अब अमल करते हुए जल्द ही छात्राओं को ये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री स्नातक बालिका प्रोत्साहन योजना के तहत लाभार्थियों के बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि भेजने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव को वितरण विभाग के पास स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। उसके बाद कैबिनेट से मंजूरी ली जाएगी‌। इस बार पिछली बार की अपेक्षा सौ करोड़ रुपए की राशि अधिक बांटी जाएगी।

नीतीश सरकार देगी डेढ़ लाख लड़कियों को लाभ

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री स्नातक बालिका प्रोत्साहन योजना में राशि का लाभ राज्य की 1.50 लाख स्नातक पास लड़कियों को मिलेगा। बता दें कि अभी तक स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है।

वहीं पिछले साल 1.4 लाख लाभुकों के आवेदन आए थे, जिनमें से 84 हजार तीन सौ 44 छात्राओं को प्रोत्साहन राशि भेजी जा चुकी है। अन्य के आवेदन में खामियां होने के चलते उन्हें विश्वविद्यालयों को वापस कर दिया गया। संशोधित आवेदनों के प्राप्त होने के बाद इनके बैंक खाते में राशि भेजी जा सकती है।

तीन सौ करोड़ रुपए का प्रावधान

राज्य सरकार से मान्यता एवं संबद्धता प्राप्त महाविद्यालयों से स्नातक पास छात्राओं को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वर्ष 2019-20 में इस योजना के लिए शिक्षा विभाग ने 200 करोड़ पर का प्रावधान किया था। इस वित्तीय वर्ष में (2020-21) 300 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस तरह इस बार 100 करोड़ रुपए अधिक राशि बांटी जाएगी।

Sunday, December 06, 2020

CBSE 10th 12th Exam Admit Card 2021

CBSE 10th 12th Admit Card 2021- सीबीएसई ने कक्षा 10वीं & 12वीं की वार्षिक परीक्षा 2021 के एडमिट कार्ड में बदलाव किया, ये स्टूडेंट्स अब घर से ही डाउनलोड कर पायेंगे।

कोरोना संक्रमण से बोर्ड के कक्षा 10वीं 12वीं के परीक्षार्थी को बचाने के उद्देश्य से इस साल CBSE द्वारा डिजिटल एडमिट कार्ड जारी किया जायेगा। इस बार सीबीएसई बोर्ड मान्यता प्राप्त स्कूलों के लॉग-इन पर सीधे प्रवेश पत्र भेजेगा इसके बाद स्कूल द्वारा छात्रों को डिजिटल एडमिट कार्ड भेजेगा। छात्र स्कूल की वेबसाइट से अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगें।


इस बार छात्रों को एडमिट कार्ड पर प्राचार्य के हस्ताक्षर करवाने के लिए स्कूल नहीं आना पड़ेगा। प्रवेश पत्र पर प्रिंसिपल के डिजिटल हस्ताक्षर रहेंगें। स्कूल द्वारा यूजर आईडी और पासवर्ड के माध्यम से प्रवेश पत्र प्राप्त किया जायेगा।


CBSE ने इस बार दसवीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र लेने में बदलाव किया है। इस बार डिजिटल एडमिट कार्ड पर प्राचार्य के डिजिटल हस्ताक्षर के साथ मिलेगा। इसके बाद इस पर छात्रों को और उसके अभिभावक को उस पर हस्ताक्षर करने होंगे। सीबीएसई बोर्ड के अनुसार एडमिट कार्ड पर अभिभावक का हस्ताक्षर होना अनिवार्य होगा।


Admitcard पर लिखी होगी कोरोना संक्रमण से बचाव की  जानकारी

बोर्ड के अनुसार इस बार छात्रों के प्रवेश पत्र पर कोरोना संक्रमण के बचाव की जानकारी दी जायेगी। परीक्षा केंद्र पर छात्रों को कोरोना से बचने के लिए क्या सावधानी रखनी होगी उसकी जानकारी एडमिट कार्ड पर रहेगी ।परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र पर रिपोर्टिंग करने का समय, परीक्षा हॉल में एंट्रेंस का समय, पेपर मिलने का समय आदि भी अंकित रहेगा। साथ में मास्क, हैंड सेनेटाइजर आदि की जानकारी रहेगी।




Monday, November 16, 2020

Current affairs

चीन समेत 15 देशों ने सबसे बड़े व्यापार समझौते पर किए हस्ताक्षर, जानें विस्तार से

ASEAN के सदस्य देशों और चीन समेत कुल 15 देशों ने 15 नवंबर 2020 को विश्व के सबसे बड़े व्यापार समझौते क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (RCEP) का गठन करने पर वर्चुअल तौर पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके दायरे में विश्वभर की लगभग एक तिहाई आर्थिक गतिविधियां आएंगी।

इस समझौते को चीन के लिए एक बड़ा गेमचेंजर के तौर पर देखा जा रहा है। कई एशियाई देशों को उम्मीद है कि इस समझौते के बाद से कोरोना वायरस महामारी की आर्थिक मार से तेजी से उबरने में सहायता मिलेगी। इस क्षेत्रीय साझेदारी के जरिए चीन की कोशिश एशियाई बाजारों एवं व्यापार में अपना दबदबा बढ़ाना है।


शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता

विशेषज्ञों के अनुसार, क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (RCEP)- जिसमें चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ दस दक्षिण पूर्व एशियाई अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। जीडीपी के संदर्भ में दुनिया का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है। वियतनाम के प्रधानमंत्री ने चौथे क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की।

पहली बार 2012 में समझौता

पहली बार 2012 में प्रस्तावित, इस सौदे पर आखिरकार दक्षिण-पूर्व एशियाई शिखर सम्मेलन (आसियान सम्मेलन) के अंत में मुहर लगा दी गई थी क्योंकि सदस्य देशों के नेता महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए इसे कारगर मान रहे हैं।




समझौते से संबंधित कुछ तथ्य

समझौते के तहत सदस्य देश टैरिफ कम करेंगे और व्यापार सेवा के रास्ते खोलेंगे। इस समझौते में अमेरिका को शामिल नहीं किया गया है। लिहाजा, इसे चीन के नेतृत्व में एक वैकल्पिक व्यापार समझौता समझा जा रहा है। इस समझौते में आसियान के 10 सदस्य देशों के अलावा चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं।

क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (RCEP): एक नजर में

आसियान समूह के दस देशों को लेकर इस साझेदारी पर चर्चा की शुरुआत सबसे पहले साल 2012 में हुई थी। इनमें चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देश शामिल हैं। भारत को भी क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (RCEP) पर हस्ताक्षर करना था लेकिन उसने पिछले साल खुद को इस साझेदारी से अलग कर लिया था। RCEP का लक्ष्य कंपनियों की लागत और समय में कमी लाना भी है।

भारत ने क्यों खुद को अलग किया

भारत ने इस साझेदारी के तहत मार्केट एक्सेस का मुद्दा उठाया था और इस बात की आशंका जतायी थी कि देश के बाजार में अगर चीन के सस्ते सामानों का दबदबा हो जाएगा तो भारत के घरेलू उत्पादकों एवं विनिर्माताओं पर बहुत अधिक असर पड़ेगा। विशेषकर टेक्सटाइल, डेयरी और कृषि सेक्टर को लेकर यह आशंका जाहिर की गई थी।

आसियान (ASEAN) के बारे में 

 ASEAN का पूरा नाम Association of Southeast Asian Nations है। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का संगठन एक क्षेत्रीय संगठन है जो एशिया-प्रशांत के उपनिवेशी राष्ट्रों के बढ़ते तनाव के बीच राजनीतिक और सामाजिक स्थिरता को बढ़ावा देने के लिये स्थापित किया गया था। आसियान के दस देशों में इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया है।

Thursday, November 12, 2020

LNMU PART 3 RESULT 2020

लनामिवी ने स्नातक भाग 3 का परिणाम घोषित कर दिया है। 

लिंक नीचे है

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Lnmu part 3 result 2020










सभी  छात्र छात्राओं को आर्यावर्त न्यूज़ की तरफ से ढेर सारी शुभकामनाये और उज्जवल भविष्य की कामना | 

Wednesday, November 11, 2020

करेंट अफेयरस

 1. नवंबर 2020 में किस भारतीय शहर में वर्चुअल टैक समित आयोजित किया जाएगा

• बेंगलुरु

2. किस भारतीय राज्य ने प्रवासी पक्षियों, विशेष रूप से अमूर बाज़ों के शिकार के विरुद्ध चेतावनी जारी की है?

त्रिपुरा

3. किस देश के चुनाव आयोग ने अंतर्राष्ट्रीय आभासी चुनाव आगंतुक कार्यक्रम आयोजित किया है?

भारत

4. किस देश ने पेरिस जलवायु समझौते से बाहर होने का निर्णय लिया?
अमेरिका

5. फ्रांस से 3 राफेल विमान नॉनस्टॉप उड़ान के बाद भारत के किस राज्य में पहुंचे हैं?
गुजरात

6. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (IDF) की अध्यक्ष नीति में किसे शामिल किया?
दिलीप रथ

7. किस भारतीय फिल्मकार ने JC डेनियल पुरस्कार जीता?
हरिजन

8. भारतीय सेना द्वारा लांच किया गया जो मैसेजिंग एप्लीकेशन व्हाट्सएप और टेलीग्राम के समान है
•  सिक्योर एप्लीकेशन फॉर इंटरनेट (SAI)

9. ट्रेनों में महिला यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रेलवे द्वारा शुरू की गई पहल है
• मेरी सहेली

10. भारत ने जिस सब्जी के बीजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है
प्याज

Wednesday, October 21, 2020

कैबिनेट ने भारत और नाइजीरिया के बीच शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाहरी अंतरिक्ष की खोज और इसके उपयोग में सहयोग पर हुए समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाहरी अंतरिक्ष की खोज और इसके उपयोग में सहयोग पर भारत और नाइजीरिया के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) से अवगत कराया गया। एमओयू पर जून, 2020 में बेंगलुरु में भारत के भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और अगस्त 13, 2020 को अबूजा में नाइजीरिया के राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान और विकास एजेंसी (एनएएसआरडीए) ने हस्ताक्षर किए हैं। • यह समझौता ज्ञापन दोनों देशों को सहयोग के संभावित हित क्षेत्रों जैसे पृथ्वी की सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग); सैटलाइट संचार और सैटलाइट आधारित नेविगेशन; अंतरिक्ष विज्ञान एवं ग्रहों की खोज; अंतरिक्ष यान, लॉन्च व्हीकल, अंतरिक्ष प्रणालियों और जमीनी प्रणालियों का उपयोग; भू-स्थानिक उपकरण और तकनीक सहित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक अनुप्रयोग; और सहयोग के अन्य क्षेत्रों को तय करने के लिए सक्षम बनाएगा। • इस समझौता ज्ञापन के तहत एक संयुक्त कार्य दल का गठन किया जायेगा, जिसमें डीओएस / इसरो और नाइजीरिया के राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान और विकास एजेंसी (एनएएसआरडीए) के सदस्य शामिल होंगे। संयुक्त कार्य दल समय-सीमा और कार्यान्वयन के साधनों सहित कार्य योजना को अंतिम रूप देगा। हस्ताक्षरित एमओयू के तहत एक संयुक्त कार्य दल का गठन किया जायेगा, जिसमें अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) / इसरो और नाइजीरिया के राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान और विकास एजेंसी (एनएएसआरडीए) के सदस्य शामिल होंगे। संयुक्त कार्य दल समय-सीमा और कार्यान्वयन के साधनों सहित कार्य योजना को अंतिम रूप देगा। हस्ताक्षरित एमओयू पृथ्वी की सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग); सैटलाइट संचार; सैटलाइट नेविगेशन; अंतरिक्ष विज्ञान और बाहरी अंतरिक्ष की खोज के क्षेत्र में नई अनुसंधान गतिविधियों और अनुप्रयोग संभावनाओं का पता लगाने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करेगा। हस्ताक्षरकर्ताओं का विचार है कि पारस्परिक रूप से तय किए गए कार्यक्रम सहयोग के आधार पर पूरे किए जाएंगे। इस तरह की गतिविधियों के लिए फंडिंग की व्यवस्था प्रति कार्य के आधार पर हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा पारस्परिक रूप से तय की जाएगी। इस समझौता ज्ञापन के तहत की जाने वाली संयुक्त गतिविधियों का वित्तपोषण, संबंधित हस्ताक्षरकर्ताओं के कानूनों और विनियमों के अनुसार किया जाएगा और यह इन उद्देश्यों के लिए आवंटित धन की उपलब्धता के अधीन होगा। इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से नाइजीरिया सरकार के साथ सहयोग और मानवता के लाभ के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग के क्षेत्र में एक संयुक्त गतिविधि विकसित करने में सहायता मिलेगी। इस प्रकार, देश के सभी वर्गों और क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। भारत और नाइजीरिया लगभग एक दशक से औपचारिक अंतरिक्ष सहयोग करने के लिए प्रयासरत हैं। नाइजीरिया में भारतीय उच्चायोग की पहल के साथ, अंतरिक्ष सहयोग के लिए अंतर-सरकारी एमओयू का मसौदा एमईए के माध्यम से नाइजीरियाई अधिकारियों के साथ साझा किया गया था। राजनयिक माध्यमों से विचार-विमर्श के बाद, दोनों पक्षों ने समझौता ज्ञापन के एक व्यावहारिक मसौदा तैयार किया और आंतरिक अनुमोदन के लिए इसे आगे बढ़ाया। हालांकि एमओयू पर हस्ताक्षर करने की मंजूरी समय से मिल गई थी, लेकिन इस एमओयू पर हस्ताक्षर करने के लिए उचित अवसर नहीं मिल पाया था, क्योंकि 2019 के अंत और 2020 की शुरुआत में कोविड -19 महामारी के कारण कुछ यात्राओं को रद्द पड़ा था।

Tuesday, October 20, 2020

आपका मन और दिमाग कैसे काम करता है

हमने पिछले भाग में चर्चा किया था कि अमीर या सफल व्यापारी कैसे बने अगर आपने अभी तक वो नहीं पढ़ा तो पहले वो पढ़े। 



आइए आज हम जानते है किसी भी सफल व्यक्ति या बिजनेसमैन के  सबसे बड़े गूढ़ रहस्य के बारे में। जिसके बारे में कई भारतीय और विदेशी विद्वानों ने अपने अपने किताब में लिखा है। यद्यपि उन सब ने अलग अलग तरीकों से इसका विवरण किया है लेकिन अगर सार देखा जाए तो वह सबका एक जैसा ही है।  अगर आपने कभी सदगुरु जग्गी वासुदेव या स्वामी विवेकानंद को अध्ययन किया हो तो उनका भी एक ही मत था कि व्यक्ति सबसे ज्यादा मजबूत या कमजोर अपने मन के कारण होता है।  और हमारा मन वहीं करता है जो हम उसे बताते हैं। अगर आप कमजोर है तो स्वाभाविक रूप से आपने अपने मस्तिष्क को बार बार अपने या अपने किसी परिचित द्वारा इसका अनुभव कराया होगा। अगर आप अपने मस्तिष्क में दिन में दस बार सोचे कि मै बीमार हूं तो 98% chance है कि आप बीमार पर जाएंगे।। आपने will power के बारे में तो अवश्य सुना होगा! क्या आप जानते हैं कि will power क्या होता है?  आपके will power का निर्माण आपका दिमाग करता है ना कि आपका शरीर। आप अपने दिमाग के जरिए जो खाएंगे, आपके शरीर पर उसका वैसा ही असर होगा।  आपका दिमाग आपके शरीर और मन को आपके द्वारा दिए गए इनपुट के द्वारा संचालित करता है और आप आज समाज में जैसे भी हैं अच्छे - बुरे, ऊर्जावान - आलसी सब आप के सोच के कारण ही है। 

                आपने भी अपने अगल बगल में सुना होगा की कोई आदमी बहुत आलसी होता है लेकिन किसी दिन किसी व्यक्ति ने उसकी बेज्जती कर दी और फिर वो  आदमी बदल गया!  आखिर ये कैसे होता है? चलिए आज हम आपको इसके बारे में बताते हैं।


     आपके पास दिमाग है मन है शरीर है। दिमाग इनपुट लेता है और मन तर्क वितर्क करता है फिर शरीर उसका आउटपुट  काम करके देता है। क्या आप जानते हैं आपके पास दो तरह का मन है एक तर्क वितर्क करने वाला में जिसे हम चेतन मन कहते हैं, क्युकी इसमें चेतना होती है। यह किसी भी चीज पर विचार करता है ,सही गलत का फैसला लेता है , आगे पीछे ऊपर नीचे सब सोचता है तब जा कर कार्य करता है, लेकिन इसका कार्य तात्कालिक होता है। जैसे अभी आप पढ़ रहे हैं आपका मन मोबाइल पर व्हाट्सएप चलाने का हुआ। आपके मन में एक उथल पुथल मचेगी। पढू या व्हाट्सएप चलाऊ? अंत आप सोच भारी मन से व्हाट्सएप चलाने लगते हैं। आपका तार्किक मन कहीं ना कहीं से बोल रहा होगा की भाई चल पहले पढ़ाई पूरा करते हैं। लेकिन हाथ है कि व्हाट्सएप से चिपका हुआ है। ये जो तर्क वितर्क कर रहा है सही गलत बता रहा है वो है आपका चेतन मन। लेकिन जिसने आपको व्हाट्सएप चलाने पर मजबूत कर दिया है वो है आपका अवचेतन मन और आज हम उसी पर बात करने जा रहे हैं। 


   स्कूल जाने वाले बच्चे को देखिएगा या अगर आप स्वयं ऑफिस जाते हैं तो देखिएगा और गौर कीजिएगा की सामान्य दिनों में आपको उठने में बड़ी परेशानी होती है। अलार्म लगाना पड़ता है फिर भी उठ नहीं पाते। फिर एक दिन आपका मीटिंग रहता है या बहुत ही जरूरी काम रहता है आपको 6 बजे उठना है। आप सोते है और अलार्म बजने से पहले ही आप एक समय से उठ जाते हैं।  या फिर एक मा को ही लीजिए एक मा अपने बच्चे के साथ सोई हुई है, बादल गरज रहा है लेकिन मा का नींद नहीं खुलता है। लेकिन तभी बच्चे का नींद खुलता है और बच्चा रोने लगता है और मा का नींद खुल जाता है। क्या आपने कभी सोचा है ये कैसे होता है ये आपका अवचेतन मन है जिसको सब पता है जो आपके सोने पर भी जगा हुआ रहता है, और उसी के कहने पर जान अनजाने में आप सभी प्रतिक्रियाएं देते है।

      अब आप जान चुके होंगे कि चेतन और अवचेतन मन क्या होता है। अवचेतन मन आपका वो मन है जो आपके will power , healing power से के कर आपके सोने , उठने, चलने, attitude सब को कंट्रोल करता है। वो हनुमान जी का अवचेतन मन ही था जिसकी ताकत को जब वो पहचान गए तो सर्वशक्तिशाली हो गए। 

आइए जाने की कोशिश करते हैं कि अपने अवचेतन मन को कैसे अपने काबू में रखे और कैसे इसकी मदद से जीवन की राह में आगे बढ़ते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हुए अमीर बने।
         

                   जारी है...................

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Monday, October 19, 2020

सफल व्यापारी बने।। BE AN successful ENTREPRENEUR..

सफल व्यापारी बने।। BE AN successful ENTREPRENEUR..

दोस्तों आज महंगाई के दौर के साथ साथ corona की समस्या ने हमारे जीवन के साथ साथ हमारे अमीर बनने के सपने पर एक प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। लाखो लोग नौकरी से हाथ धो बैठे हैं और लाखो करोड़ों लोग कोई भी काम करने को तैयार हैं क्युकी उनके सामने दो जून की रोटी की समय आ खड़ी हुई है। लेकिन हम जानते हैं कि किसी भी चीज का दो पहलू होता है। एक सकारात्मक और एक नाकारात्मक।। नकारात्मकता संदेह पैदा कर किसी भी चीज पर प्रश्नचिह्न लगा देती है वहीं सकारात्मकता उसी चीज का जवाब ढूंढ कर उसका हल निकालती है। मै जानता हूं ये आसान नहीं है क्युकी मेरे लिए भी नहीं था। लेकिन एक बार जब आप इस अंतर  को समझ कर अमल कर लेंगे फिर उसके बाद आप हर चीज को 
सकारात्मक रूप में देखना शुरू कर देंगे जो आपके जीवन के हर समस्या का हल होगा।  

           आप सोच रहे होंगे कि  सफल व्यापारी बनने के लिए सकारात्मकता का क्या काम? कोई भी मेहनत कर के बन सकता है या कोई  भी जिसके पास पैसा है वो पैसा लगा कर इंडस्ट्री खड़ा कर के व्यापारी बन सकता है तो ऐसा नहीं है दोस्तो। अभी विश्व के सबसे सफल व्यापारी को देखेंगे तो उसके successful entrepreneur बनने के पीछे उनका दिमाग, सोचने का तरीका और अवचेतन मन की शक्ति है। ये सभी गरीब परिवार से आते है चाहे वो जेफ बेज़ोस हो, बिल गेट्स हो या जक मा।। 
    
         तो आइए हम आज introduction के रूप में बताते हैं की हम क्या क्या सीखने जा रहे हैं आने वाले कुछ महीनों में।

1. अपने दिमाग को काबू में कैसे रखे और उससे कैसे काम करवाए।

2. अपने attitude को कैसे सुधारें।


3. सफल और असफल व्यक्ति में क्या अंतर होता है और इस अंतर को कैसे खत्म करे।


4. पैसों से पैसा कैसे बनाए?


5. पैसों का नियम क्या है?


6.अमीर क्यू बने?


7. अमीर कैसे बने?


8. पैसों के साथ risk कब ले सकते हैं!


9. Start up की planning कैसे करे।


10. 2030 में दुनिया के सफल business man कौन होंगे?


11. आप के लिए कुछ विशेष start up ideas..
 


Sunday, May 31, 2020

STET परीक्षा परिणाम रद्द व अन्य मांगों को लेकर अभाविप करेगी चरणबद्ध आंदोलन- सुजीत पासवान


 
      माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा परिणाम रद्द करने ,छात्रों के रूम रेंट माफ करने, निजी शिक्षण संस्थानों के शिक्षण शुल्क पर विचार नहीं करने अन्य शैक्षणिक मुद्दे को लेकर अभाविप करेगी चरणबद्ध आंदोलन।

          
     उक्त बातें अभाविप के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य मिथिला विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य श्री सुजीत पासवान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही है ।

    श्री  पासवान ने कहा है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा छात्रों के विभिन्न समस्याओं के खिलाफ आंदोलन हेतु प्रदेश स्तरीय आंदोलन समिति बनाया गया है आंदोलन समिति के बैठक में व्यापक दृष्टि से विचार करते हुए यह निर्णय लिया गया है । उन्होंने कहा बिहार सरकार के तानाशाही, हिटलर शाही और अदूरदर्शीता हठधर्मी के खिलाफ अभाविप क
चरणबद्ध आंदोलन करेगी ।प्रदेश मंत्री सुश्री लक्ष्मी ने कही कब तक बिहार के छात्र ,सरकार के गलती का खामियाजा अपने भविष्य को बलिदान देकर  चुकाएगा।आखिर परीक्षा में नियमितता का दोषी कौन।दोषी  पदाधिकारियों को बचाने का प्रयास क्यों ।उच्चस्तरीय जाँच क्यों नही  ।जबाब दो बिहार सरकार ।"करो विचार- नही तो करेंगें विचार"                                                

   कोविड-19 इस भीषण महामारी में अभिभावक आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो वहीं दूसरी ओर छात्रों पर किरायेदारों व निजी शिक्षण संस्थानों का शुल्क जमा करने का दबाव ।क्या करें छात्र अभिभावक , छात्रों की शिक्षण कार्य बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रहे हैं।वैसे दिक्कत तो मकान मालिकों के साथ भी है। जिन मकान मालिकों कि रोज़ी रोटी किराए से ही चलती हो वो कैसे किराया छोड़ दे। 

तो सवाल यही है कि सरकार मौन क्यू है?

अगर समय रहते सरकार नहीं जागती है तो अभाविप आंदोलन करने को मजबुर होगी। 




बिहार सरकार के खिलाफ होगा निम्न आंदोलन

1. 3 जून-- पूछता है बिहार-- बिहार सरकार सुनेगा छात्र युवाओं का आवाज* 

2. 5 जून -- सद्बुद्धि महायज्ञ सरकार को सद्बुद्धि हेतु पूरे प्रदेश में होगा सद्बुद्धि महायज्ञ*

3. 8 जून-- मांग पत्रों की कॉपी सरकार को करेंगे मेल*

4. 11 जून --सरकार को लिखेंगे खुला पत्र*

5. 13 जून --स्थानीय जनप्रतिनिधि को सौंपेंगे मांग पत्र*

6.  15 जून --स्थानीय शिक्षण संस्थानों के गेट पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए करेंगे प्रदर्शन*  छात्रों के विभिन्न समस्याओं के समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा ।

अभाविप ने किया प्रदेश स्तरीय आंदोलन समिति का गठन



    

माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा सरकार द्वारा रद्द किए जाने ,विद्यार्थियों के रूम रेंट मांफ़ नही करने ,निजी शिक्षण  संस्थानों के शिक्षण शुल्क पर विचार नही करने के  खिलाफ आंदोलन हेतु अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ,बिहार -प्रदेश द्वारा प्रदेश स्तरीय आंदोलन समिति का गठन किया है ।
       अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ,बिहार- प्रदेश मंत्री सुश्री लक्ष्मी कुमारी ने  कहा है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बिहार द्वारा कोविड-19 महामारी के कारण प्राथमिक ,माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा के वर्तमान परिस्थिति में आवश्यक कार्य हेतु  अभाविप  बिहार द्वारा अध्ययन दल बनाया है। अध्ययन दल के तैयार रिपोर्ट को बिहार के राज्यपाल ,मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री ,शिक्षा मंत्री ,आदि को सौंपा जाएगा अध्ययन दल के रिपोर्ट के अनुसार बिहार के शिक्षा व्यवस्था अत्यंत भयावह प्रतीत हो रही है। बिहार के लचर शिक्षा व्यवस्था व गलत तरीके से माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET)परीक्षा को रद्द किए जाने के खिलाफ आंदोलन एवं विद्यार्थी व समाज मे शिक्षा के प्रति जागृति हेतु अभाविप बिहार द्वारा प्रदेश मंत्री के नेतृत्व  में प्रदेश स्तरीय आंदोलन समिति का गठन किया है ।जोनिम्न है
*1,सुश्री लक्ष्मी कुमारी ,प्रदेश मंत्री- सिवान* 

*2,श्री दीपक कुमार, राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद ,सदस्य - औरंगाबाद*

 *3,श्री भरत सिंह जोशी, पूर्व प्रदेश मंत्री - खगड़िया* 

*4,श्री सुजीत पासवान ,केंद्रीय कार्यसमिति ,सदस्य -मधुबनी*

*5,सुश्री प्रियंका श्रीवास्तव महासचिव, छात्रसंघ ,पटना विश्वविद्यालय ,पटना*
        
श्री सुजीत पासवान ने कहा कि बिहार के शिक्षा व्यवस्था के साथ किसी को खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है। प्राचीन समय में हमारा गौरवशाली शिक्षा व्यवस्था थी। माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा रद्द करने के निर्णय को सरकार वापस ले ।सरकार शिक्षा  के प्राचीन गौरव को अविलंब वापस करें। अन्यथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ,बिहार -प्रदेश का संघर्ष निरंतर जारी रहेगी।।

 ज्ञात हो कि stet परीक्षा रद्द होने पर एबीवीपी पहले भी सांकेतिक आंदोलन कर चुकी है और पहले ही घोषणा कर चुकी है कि अगर परीक्षा को रद्द करने का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो अभाविप आंदोलन करेगी।

इलोन मस्क का कारनामा, अब आप जा सकेंगे अंतरिक्ष में।।

चीन और रूस से तनावों के बीच और कोराना महामारी से लड़ते हुए अमेरिका ने  एक दशक के बाद एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित कर दिया जो अंतरिक्ष में उसके दबदबे को और मजबूत कर देगा। कोराना वायरस का  कैप्सूल भले ही ना मिला हो लेकिन एलोन मस्क के कैप्सूल ने अपना कमाल अंतरिक्ष में दिखा दिया।


इलॉन मस्क की निजी कम्पनी  spaceX ने इतिहास रचते हुए दो अमेरिकन नागरिकों रॉबर्ट बेनकेन और डगलस हर्ले , जो नासा के वैज्ञानिक है, को लेकर अंतरिक्ष की कक्षा में प्रवेश कर गया।   
समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक कंटडाउन के खत्म होते ही फाल्कन 9 नामक रॉकेट  स्थानीय समय 3.22 बजे  दोनों अंतरिक्ष यात्रियों के साथ ड्रैगन कैप्सूल को लेकर अंतरिक्ष के लिए रवाना हो गया। 

19 घंटो में स्टेशन में सुरक्षित पहुंचा कैप्सूल

आइए इस दिए को जलाए ( Let's light this candle)  
ये वाक्य उड़ान से चंद लम्हे पहले डगलस हर्ले के शब्द थे जो एलेन शैफर्ड  सन 1961 में मानव स्पेस मिशन के दौरान कहा था। अमेरिका में नए कमर्शियल युग की शुरूआत होने के इस निजी कंपनी के रॉकेट ने कर दी है।रूस  और चीन में ही पहले ऐसा हो पाया है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन  की उड़ान  19 घंटे की दूरी पर है।

First @NASA astronauts to fly aboard Crew Dragon don their SpaceX spacesuits pic.twitter.com/LQbRdF2WJd

— SpaceX (@SpaceX) May 30, 2020


 डेमो 2 दिया गया था मिशन का नाम
ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट से जब  स्पेस स्टेशन तक सफलतापूर्वक सामान पहुंचाया गया था तब उसका नाम डेमो 1 पर था  और अब जब फाल्कन 9 रॉकेट में दो व्यक्ति बैठ कर अंतरिक्ष स्टेशन गए हैं तो उसे डेमो 2 नाम दिया गया है।
वैसे तो इसकी लॉचिंग  27 नवंबर को होनी थी लेकिन खराब मौसम की वजह से उसे टालना पर गया था और अन्ततः ये लॉचिंग  अब जाकर संभव हुए है।

https://twitter.com/SpaceX/status/1266812530833240064?s=19


अगर निजी कम्पनी इसी तरह लोगो को अंतरिक्ष भेजने लगी तो वो दिन दूर नहीं जब आप गोवा या विदेश जाने के बजाय अंतरिक्ष कि सैर करने जा सकेंगे।


 

अर्जुन अवॉर्ड के लिए शिखर और इशांत जबकि रोहित शर्मा को खेल रत्न 2020

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार 2020 के लिए बीसीसीआई ने भारतीय ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा को नामित किया है जबकि गेंदबाज इशांत शर्मा, बल्लेबाज शिखर धवन और दीप्ति शर्मा को अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित किया गया है।

पुरस्कार के लिए खिलाड़ियों का चयन उनके परफॉर्मेंस के के आधार पर किया गया जो कि  1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2019 के बीच का है।


आइए बात खिलाड़ियों कि करे तो दिप्ती शर्मा भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शानदार ऑल राउंडर हैं जिनके नाम पर  वनडे क्रिकेट में व्यक्तिगत बेस्ट स्कोर दर्ज है साथ ही वनडे क्रिकेट के किसी मैच में 6 विकेट लेने वाली वो एकमात्र भारतीय महिला स्पिनर हैं। 

इशांत शर्मा
इशांत शर्मा भारत की तरफ से क्रिकेट के हर फॉर्मेट में खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी हैं। वो भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की मुख्य धुरी हैं साथ ही वो एशिया के बाहर भारतीय गेंदबाजी के तौर पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं। 

शिखर धवन
शिखर धवन के नाम पर अपने डेब्यू मैच में सबसे तेज टेस्ट शतक लगाने का रिकॉर्ड है और वो दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने लगातार दो बार आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाकर गोल्डन बैट का खिताब जीता है। वो भारतीय बल्लेबाज के तौर पर वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 2000 और 3000 रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं साथ ही वो वनडे में 4000 और 5000 रन बनाने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय बल्लेबाज हैं। 

रोहित शर्मा

आइसीसी वनडे क्रिकेटर ऑफ द ईयर 2019 और भारतीय टीम के उप कप्तान रोहित शर्मा को कौन नहीं जानता। रोहित वनडे क्रिकेट इतिहास के पहले ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने एक वर्ल्ड कप सीजन में 5 शतक लगाए हैं। इसके अलावा वो पहले ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में चार शतक लगाए हैं साथ ही पिछले साल उन्होंने टेस्ट ओपनर के तौर पर पहले ही मैच में दोहरा शतक लगाया था। 

Thursday, May 28, 2020

सवाल और जवाब :- हमारे सवाल आपके जवाब

आज हमारे साथ आपके और हमारे सवालों के जवाब देने उपस्थित हुए हैं, बिहार प्रदेश के अभाविप के पूर्व प्रदेश मंत्री और मिथिला विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य  श्री सुजीत पासवान। इनके चाहने वाले इन्हे अगले कुछ वर्षों में बिहार के मंत्री पद पर भी देखते हैं।  आइए चर्चा करते हैं इनसे कुछ खास सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक मुद्दों पर।
      
                              सुजीत पासवान
                     पूर्व प्रदेश मंत्री ,अभाविप बिहार
                   केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य, अभाविप
                    वर्तमान सीनेट सदस्य, एलएनएमयू 
                    एवं सिंडिकेट सदस्य,एलएनएमयू

सवाल 1. एबीवीपी से जुड़ने के कारणों पर प्रकाश डालने की कृपा करे। क्या यह आकस्मिक था या आप पहले से एबीवीपी को  जानते थे?

 जवाब:- Abvp से जुड़ना मेरे लिए सौभाग्य का बात है ।जब मैं नौवीं कक्षा में पढ़ रहा था तो उस समय मैं एनएसयूआई से जुड़ गया था चुकीं छात्र के उम्र से ही समस्याओं को देखकर संघर्ष के लिए आतुर था। कुछ दिनों तक एनएसयूआई में रहा फिर चुकी पिताजी राजनीति में सक्रिय थे और वो भारतीय जनता पार्टी में थे तो मैं छात्र संगठन के बारे में विस्तृत रूप से  जानना चाहा तो मुझे पता चला कि यह छात्र संगठन कांग्रेस का है तो मैंने फिर भारतीय जनता पार्टी का कौन सा छात्र संगठन है इसके बारे में जानकारियां लेनी शुरू की तो मुझे अपने चाचा जी से पता चला की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद वह छात्र संगठन है तो मेरी जिज्ञासा और भी तेज हो गई कि मैं अब विद्यार्थी परिषद से ही जुड़कर काम करूंगा
    अख़बार के माध्यम से मैं विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम की गतिविधि का जानकारी मुझे मिल रहा था फिर 2011 में  राजनगर कुछ सीनियर छात्र  एबीवीपी का सदस्यता अभियान कर रहा कर रहे थे। तो मैं वहां जाकर एबीवीपी से जुड़ गया उसके बाद से आज तक सक्रिय हूं।

सवाल 2:- एबीवीपी से जुड़ने से पहले और उसके बाद आपके जीवन क्या महत्वपूर्ण बदलाव हुए।

जवाब:- एबीवीपी से जुड़ने से पहले मैं एक छात्र था और छात्र के तौर पर मेरी सोच पढ़ाई लिखाई कर सिर्फ नौकरी करना ही था। लेकिन एबीवीपी के जुड़ने से बाद राष्ट्रीयता का भाव उत्पन्न हुआ और पढ़ाई के साथ-साथ छात्र समाज और राष्ट्र के लिए भी मन में सोच विकसित होने लगी। एबीवीपी से जुड़ने के बाद जीवन को एक नई दिशा मिली है।

सवाल 3:- इस बात मै कितनी सत्यता है कि आरएसएस और उसके मुख्य घटक संगंठन साम्प्रदायिकता फैलाते हैं?

जवाब:-इस बात में रत्ती भर भी सत्यता नहीं है, जो संगठन सर्वे भवंतु सुखिनः के भाव को लेकर काम करता हो उस पर सांप्रदायिकता फैलाने जैसा आरोप लगाना एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है, जब देश में कोई भी आपदा आती है तो आरएसएस और एबीवीपी जैसे संगठन सेवा कार्य करते नजर आते हैं और सेवा के वक्त वह नहीं देखते हैं की सेवा लेने वाला कौन धर्म या समुदाय का है आपने कई बार इसे देखा भी होगा।

सवाल 4: - पालघर में साधुओं कि हत्या कर दी गई और इसके बारे में 4 दिन के बाद पता चला। इसके बारे में आपकी क्या राय है?

जवाब:-पालघर में साधुओं की हत्या अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और मेरा मानना है की यह घटना वामपंथी साजिश का हिस्सा है और इस्लामिक कट्टरता के सोच को भी यह घटना जग जाहिर करता है। देशभर के लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश है।

सवाल 5:-  एबीवीपी के प्रदेश मंत्री के रूप में , मिथिला विश्ववद्यालय के सीनेट सदस्य और फिर सिंडिकेट सदस्य के रूप आप बिहार में शिक्षा और शिक्षक की स्थिति पर क्या कहना चाहेंगे और इसे कैसे सुधारा जा सकता है?

जवाब:-मैं शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी जोड़ता हूं बिहार की शिक्षा आईसीयू में है स्वास्थ्य  सुविधा वेंटीलेटर पर है। एबीवीपी ने अनेकों बार शैक्षणिक मुद्दों को लेकर कई बार प्रदेश स्तरीय आंदोलन किया समय-समय पर शैक्षणिक व्यवस्था सुदृढ़ हो उसको लेकर बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में ज्ञापन एवं राजभवन जाकर महामहिम को शैक्षणिक स्थिति से अवगत भी कराया है कुछ सुधार भी हुए हैं लेकिन अभी और सुधार की आवश्यकता है विद्यार्थी परिषद के आंदोलन के बाद बिहार के विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव भी हुए जिसमें सभी विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी परिषद की एकतरफा जीत भी हुई और अभी छात्रसंघ के माध्यम से विश्वविद्यालय के शैक्षिक समस्याओं को लेकर लगातार आवाज बुलंद कर रहे हैं।

सवाल 6:- काम पर नहीं नाम पर वोट दो। इस विचारधारा से क्या देश का विकास हो सकता है? अगर हा तो कैसे और अगर नहीं तो फिर 2019 का चुनाव भाजपा ने इसपर क्यू लड़ा?

जवाब:- नाम काम करने वालों का ही होता है लेकिन नाम से देश का विकास नहीं हो सकता 
परंतु वर्तमान और इससे पिछले पंचवर्षीय की जो केंद्र में सरकार हैं, कई साहसिक निर्णय लिए हैं और कई सारे योजनाओं का  कार्यान्वयन हुआ है जिससे देश की जनता भलीभांति जान रही है और पुनः 2019 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 303 सीट देकर भारी बहुमत से जीताया है। और लोगों को अफसोस भी है कि काश यह सरकार 10, 20 साल पहले से ही देश में रहती तो हमारा भारत आज विश्व में नंबर वन होता।

सवाल 7:- जय भीम जय मीम नारे में 'मीम' का अर्थ क्या आप समझा सकते है? क्या ये  बाबा साहेब के विचारो पे चलने वाले लोग हैं या बहुत ही बारीकी से उनके विचारो को गलत रूप में पेश कर लोगो के बीच भ्रामक स्थिति पैदा की जा रही है? क्या राष्ट्रवाद इनके विचारधारा को ध्वस्त करने का सामर्थ्य रखता है?

जवाब:- मिम का अर्थ है मुसलमान 
 कट्टरपंथी के द्वारा "जय भीम जय मीम" का नारा लगा कर
हिन्दुओ को जातियों में तोड़ने, दलितों को हिन्दुओ से अलग करने के लिए ये साजिश है।
आज भले ही उनके कथित अनुयायी  उन्हें अंबेडकरवाद की संकुचित विचारधारा में कैद करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अंबेडकर सभी सीमाओं से परे हैं। उनका राष्ट्रवाद असंदिग्ध है। आज ‘जय भीम-जय मीम’ का नारा लगाने वाले शायद इस बात से वाकिफ नहीं हैं कि वह मजहबी कट्टरता और पाकिस्तान को जन्म देने वाले ‘द्विराष्ट्रवाद’ के विचार के कितने बड़े विरोधी थे। विद्यार्थी परिषद सदैव ऐसे राष्ट्र विरोधी विचारों को ध्वस्त करने में अपने स्थापना काल से ही लगी हुई है ऐसे कट्टरपंथ स्वच्छ रखने वालों की दाल अब गलने वाली नहीं है।

सवाल 8:-  आप अपने क्षेत्र के सांसद  और विधायक के बारे में क्या टिप्पणी करना चाहेंगे? 
 
जवाब:-सांसद एंव विधायक जनता के द्वारा  चुना हुआ प्रतिनिधि होता है, जनता के विश्वास पर खड़ा उतरना उनकी जिम्मेवारी है, वर्तमान सांसद विधायक  विश्वास पर कितने खड़े है, इसकी समीक्षा क्षेत्र के लोग कर रहे हैं।

सवाल 9:- अंतिम प्रश्न, क्षेत्र में चर्चा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में आप राजनगर से भाजपा के उम्मीवार हो सकते है,क्या हम आनेवाले समय में आपको विधायक के रूप में देख सकते है?

जवाब:- देखिए ये निर्णय संगठन का है,
अगर मुझे मौका मिला तो जरूर जनता कि सेवा में आऊंगा।


धन्यवाद, अपना समय देने के लिए। आशा है आप निरंतर आगे बढ़ते रहें ।


 अगर आप ऐसे ही अपने क्षेत्र के किसी व्यक्ति का इंटरव्यू चाहते हैं तो हमें लिख भेजे। हम उनका इंटरव्यू। अवश्य लेंगे।





ज्ञान समाचार: करेंट अफेयर्स

एडेनोवायरस COVID-19 टीका

-एडेनोवायरस COVID-19 टीके (Adenovirus COVID-19 Vaccine) का चरण-1 परीक्षण है और इसे वायरस
के खिलाफ ￸प्रतिरक्षा￸प्रतिक्रिया उत्पन्न करने में सक्षम पाया गया है।

-यह एक ‘पुनः संयोजक एडेनोवायरस टाइप -5 वेक्टर’ का उपयोग करता है।

-जो आनुवं￱शक सामग्री नोबेल कोरोना वायरस 
के स्पाईक ग्लाइकोप्रोटीन के लिए प्रतिबिंबित की जाती है।

-एडेनोवायरस एक कमज़ोर सामाcय कोल्ड वायरस है ।यह  सामान्य वायरस का एक समूह  है जो मनुष्य की आंखो, वायुमार्ग  और फेफड़ों, आंतों , मूत्रपथ और तंत्रिका तंत्र को संक्रमित करता है।

Wednesday, May 27, 2020

करेंट अफेयर्स:- covid 19

अब छात्रों के लिए विशेष :- ज्ञान समाचार

आज का करेंट अफेयर

- स्वास्थय मे सुधार लाने के लिए WHO ने IOC(अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ) के साथ समझौता किया है।
- इस समझौते के माध्यम से खेलो और शारीरिक गतिविधियो के माध्यम से स्वास्थय को बढावा देना है , साथ ही COVID-19 के खिलाफ लडाई लड़ने के लिए एक टीम भी बनाई गी है। इससे स्वास्थय मंत्रालय और खेल मंत्रालय के बीच सहयोग को मजबूती मिलेगा ।
-COVID-19 टीका विकसित करने के लिए WHO ने  human challenge विधि को अपनाया है ।
-इस  परीक्षण मे वालेंटियर को COVID-19  वायरस के साथ संक्रमित किया जाता है यह  टीका विकाश की प्रक्रिया को गति देने के लिए किया जाता है।
COVID -19 से बचाव के लिए मणिपुर की पहल को दुनिया की TOP-10  पहल मे स्थान-
- मणिपुर की खुडोल पहल को कोविड -19 से निपटने के लिए शीर्ष  दस वैश्विक पहलो मे सूचीबद्ध किया गया है।
- इस पहल को यूनाईटेड  नेशन सेक्रेटी जनरल ओन यूथ द्वारा सूचीबद्ध किया गया है।
- खूडोल पहल को इंफाल स्थित एनजीओ ''YA  ALL "
द्वारा शुरु किया गया था।
- इस पहल के जरिए LGBTQ  समुदाय HIV  से प्रभावित लोग , दैनिक मजदूरी कमाने वाले बच्चो और किशोरो के भोजन , स्वास्थय औय स्वच्छता आवश्यकताओं  की आपूर्ति को सुनिश्चित किया जा रहा है।
"YA  ALL "  इंफाल आधारित NGO है  जिसे  2017 से  चलाया  जा  रहा है ।

Tuesday, May 26, 2020

रोहतास के हिमांशु बने टॉपर: बिहार परीक्षा रिजल्ट

बिहार बोर्ड मैट्रिक 2020 रिजल्ट जारी हो गया है। 12 लाख से अधिक छात्रों ने जहां  उत्तीर्ण किया वहीं 2 लाख छात्र छात्राओं का दिल भी टूट गया। बहरहाल आशा करते हैं कि इस बार धांधली कम हुआ हो और छात्रों के साथ न्याय हुआ हो। हिमांशु राज (रोल नंबर-2000479) ने 481 अंक (96.20%) प्राप्त करके राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।


वह रोहतास जिले के जनता हाई स्कूल तनौज के विद्यार्थी हैं। समस्तीपुर के दुर्गेश कुमार 480 अंकों के साथ राज्य में दूसरे स्थान पर हैं।


 वह एसके हाई स्कूल जितवारपुर के छात्र हैं। तीसरे स्थान पर भोजपुर के श्री हरकेन कुमार जैन ज्ञान स्थली आरा के छात्रा शुभम कुमार हैं। उन्हें 478 अंक मिले हैं।

बिहार बोर्ड परीक्षा 2020 में  14 लाख 94 हजार 71 विद्यार्थी में से 7 लाख 29 हजार 213 छात्राएं थीं। 80.59% उत्तीर्ण छात्रों  में से 4,03,392 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में, 524217 सेकेंड डिवीजन से और 2,75,402 थर्ड डिवीजन से पास हुए हैं। कुछ 12 लाख 2 हजार, 30 विद्यार्थी पास हुए हैं। वहीं 2 लाख से अधिक छात्र छात्राएं फेल हो गए।


टॉप 10 की सूची में 41 छात्र-छात्राओं को स्थान मिला है। पहले और दूसरे स्थान पर एक-एक छात्र हैं तो तीसरे स्थान पर तीन विद्यार्थियों का कब्जा है। चौथे स्थान पर भी तीन विद्यार्थी हैं। टॉपर लिस्ट में औरंगाबाद, रोहतास, समस्तीपुर जैसे जिलों का दबदबा है। इस बार सिमुलतला आवासीय विद्यालय का विद्यार्थी सातवें स्थान पर है।  


पास हुए सभी छात्र छात्राओं को आर्यावर्त न्यूज के तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं।

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