दिल की बातें
मेरी नींदों से ख्वाबों को मिटाने लगा है,
कोई है जो सपनों में मेरे आने लगा है।
लिख दिए हैं मैंने कागज पे कुछ लम्हे,
कोई है जो उन नगमो को गुनगुनाने लगा है।
निभा कर साथ रात भर वो अब जाने लगा है,
कोई है जो मुझसे नजरें चुराने लगा है।
मैं सुनती थी क़िस्सा जमाने भर की,
कोई है जो मुझे दास्तान अपनी सुनाने लगा है।
अपनी बातों से मेरे दिल को बहलाने लगा है,
कोई है जो मुझको अपना बनाने लगा है।

मेरी नींदों से ख्वाबों को मिटाने लगा है,
कोई है जो सपनों में मेरे आने लगा है।
लिख दिए हैं मैंने कागज पे कुछ लम्हे,
कोई है जो उन नगमो को गुनगुनाने लगा है।
निभा कर साथ रात भर वो अब जाने लगा है,
कोई है जो मुझसे नजरें चुराने लगा है।
मैं सुनती थी क़िस्सा जमाने भर की,
कोई है जो मुझे दास्तान अपनी सुनाने लगा है।
अपनी बातों से मेरे दिल को बहलाने लगा है,
कोई है जो मुझको अपना बनाने लगा है।

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